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श्री. सचिन जोशी गुरुजी

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“क्षणशः कणशश्चैव विद्यामर्थं च साधयेत्। क्षणे नष्टे कुतो विद्या कणे नष्टे कुतो धनम्॥”

डाऊझिंग पेंडुलम

ज्योतिष के स्रोत

ज्योतिष के विभिन्न स्रोत और उपकरण ग्रहों, नक्षत्रों और कुंडली का गहन विश्लेषण करने में उपयोगी हैं। इनके माध्यम से व्यक्ति के जीवन पर ग्रहों के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों को समझा जा सकता है। ज्योतिष में विभिन्न उत्पाद और उपाय ग्रहों के दोषों, बाधाओं और नकारात्मक प्रभावों को कम करने में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। ये उपकरण न केवल भविष्य जानने में बल्कि जीवन में संतुलन, सकारात्मकता और सही दिशा प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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ज्योतिष और रेकी के बीच संबंध

भारतीय ज्योतिष और रेकी दो अलग-अलग परंपराओं से आते हैं, लेकिन दोनों का लक्ष्य एक ही है - व्यक्ति के संतुलन, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक विकास को प्राप्त करना। उनके संबंध को संक्षेप में इस प्रकार बताया जा सकता है:

रत्न:

उपयोग: ज्योतिष में रत्नों को धारण करना सबसे प्रसिद्ध उपायों में से एक है। प्रत्येक ग्रह से एक विशिष्ट रत्न जुड़ा होता है, जिसे ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए धारण किया जाता है।

मुख्य रत्न:

  • रूबी: सूर्य ग्रह के लिए।
  • मोती: चंद्रमा ग्रह के लिए।
  • पन्ना: बुध ग्रह के लिए।
  • लाल मूंगा: मंगल ग्रह के लिए।
  • पुखराज (पीला नीलम): बृहस्पति ग्रह के लिए।
  • नीलमणि: शनि ग्रह के लिए।
  • हेसोनाइट: राहु ग्रह के लिए।
  • कैट्स आई: केतु ग्रह के लिए।

मंत्र पुस्तकें:

उपयोग: ज्योतिष में मंत्रों का जाप एक महत्वपूर्ण उपाय है। ग्रहों, नक्षत्रों और अन्य दोषों के निवारण के लिए विशिष्ट मंत्रों का जाप किया जाता है।

प्रसिद्ध मंत्रों की पुस्तकें:
  • ग्रहों के मंत्र: सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शनि, राहु और केतु के लिए मंत्रों का संग्रह।
  • हनुमान चालीसा: शनि दोष से राहत पाने और मानसिक शक्ति बढ़ाने के लिए।
  • महामृत्युंजय मंत्र: स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा।

पूजा सामग्री:

उपयोग: पूजा सामग्री का उपयोग ग्रहों के दोषों को दूर करने, नक्षत्र दोषों को शांत करने और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

प्रमुख सामग्रियां:
  • घी: देवता की पूजा में अर्पित की जाने वाली वस्तु।
  • पूजा की थाली: वह थाली जिस पर पूजा की सामग्री रखी जाती है।
  • अगरबत्ती/दीपक: सुगंध और वातावरण को शुद्ध करने के लिए।
  • फूल और मालाएँ: देवता की पूजा में अर्पित की जाने वाली वस्तुएँ।
  • रुद्राक्ष की माला: भगवान शंकर की पूजा के लिए।

हवन सामग्री

उपयोग: हवन और यज्ञ ग्रहों और नक्षत्रों से संबंधित दोषों की शांति के लिए महत्वपूर्ण उपाय हैं। हवन के माध्यम से, विशेष मंत्रों का जाप करके ग्रहों से संबंधित दोषों की शांति प्राप्त की जाती है।

प्रमुख सामग्रियां:

  • हवन कुंड: हवन करने के लिए उपयोग किया जाने वाला विशेष कुंड।
  • हवन की सामग्री: तुलसी के पत्ते, गेहूं का अंकुर, घी आदि।
  • सुपारी और तुलसी के पत्ते: हवन के दौरान अर्पित किए जाते हैं।
  • घी और समिधा: हवन के लिए आवश्यक सामग्री।

तंत्र-मंत्र साधना सामग्री

उपयोग: तंत्र-मंत्र साधना के लिए आवश्यक सामग्री, जो व्यक्ति को ग्रह दोषों, तंत्र दोषों और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा प्रदान करती है।

प्रमुख सामग्रियां:

  • तंत्रिका: तंत्रसिद्ध मंत्रों का उच्चारण करने वाली पुस्तकें।
  • तांबे या चांदी की तंत्रिका पट्टी: मंत्र सिद्धि के लिए प्रयुक्त तंत्रिका।
  • तंत्र साधना और तंत्र यंत्र: दैवीय शक्ति प्राप्त करने के लिए आवश्यक उपकरण।

कुंडली (राशिफल)

उपयोग: जन्म के समय ग्रहों की स्थिति को कुंडली कहा जाता है। ज्योतिष के माध्यम से कुंडली तैयार की जाती है और इसमें ग्रहों के प्रभाव का विश्लेषण किया जाता है। सही समय पर सही निर्णय लेने के लिए कुंडली अत्यंत महत्वपूर्ण है।

प्रकार:

  • संपूर्ण जन्म कुंडली: जन्म के समय ग्रहों की स्थिति का विवरण।
  • मंगल दोष कुंडली: मंगल ग्रह के दोष और उनका विश्लेषण।
  • नवग्रह राशिफल: नवग्रहों की स्थिति और उनके प्रभाव।

रुद्राक्ष (Rudraksha)

उपयोग: रुद्राक्ष एक अत्यंत शक्तिशाली धार्मिक वस्तु है, जो व्यक्ति को शांति, सुख और समृद्धि प्रदान करती है। रुद्राक्ष शरीर में नकारात्मक ऊर्जा को कम करता है और सकारात्मकता एवं आध्यात्मिक शक्ति लाता है।

प्रकार:

  • 1 मुखी रुद्राक्ष
  • 2 मुखी रुद्राक्ष
  • 3 मुखी रुद्राक्ष

तंत्र यंत्र (Yantras)

उपयोग: यंत्र एक विशिष्ट ग्रंथ या आरेख है, जिसका उपयोग ग्रहों के दोषों या तंत्र दोषों को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

प्रमुख यंत्र:

  • श्री यंत्र: देवी लक्ष्मी और समृद्धि के लिए।
  • गणेश यंत्र: गणेश जी की पूजा करने और बाधाओं को दूर करने के लिए।
  • कुबेर यंत्र: आर्थिक समृद्धि के लिए।

ध्यान साधन सामग्री (Meditation Materials)

उपयोग: ध्यान के माध्यम से व्यक्ति अपनी आंतरिक शक्ति को जागृत करता है। मानसिक शांति प्राप्त करने से ग्रहों के दोष और मानसिक तनाव कम होते हैं।

प्रमुख सामग्री:

  • ध्यान चटाई: आरामदायक बैठने के लिए।
  • ध्यान घड़ी: समय की सही माप के लिए।
  • ध्यान मंत्र पुस्तक: ध्यान के लिए मंत्रों और सूत्रों का संग्रह।

वास्तु शास्त्र सामग्री (Vastu Shastra Materials)

उपयोग: वास्तु शास्त्र में वर्णित विभिन्न उपायों का उपयोग घर या कार्यालय के वास्तु दोषों को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के लिए किया जाता है।

प्रमुख सामग्री:

  • वास्तु यंत्र: घर के स्थानीय दोषों को दूर करने वाला उपकरण।
  • वास्तु दोष शांति हवन साहित्य: घर में नकारात्मक ऊर्जा को कम करने वाला हवन साहित्य।