ज्योतिष

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श्री. सचिन जोशी गुरुजी

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“वेदस्य निर्मलं चक्षुर्ज्योतिश्शास्त्रमनुत्तमम्”

ज्योतिष क्या है?

ज्योतिष शास्त्र एक प्राचीन भारतीय विज्ञान है जो ग्रहों, नक्षत्रों, राशियों, भावों, दशाओं और गोचरों का अध्ययन करके व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालता है। इस विज्ञान के आधार पर व्यक्ति के भविष्य, स्वभाव, स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति, विवाह, संतान, शिक्षा, नौकरी, व्यवसाय के साथ-साथ सफलता और असफलता की भविष्यवाणी की जाती है। ज्योतिष शास्त्र वेदों के छह वेदांगों में से एक है और इसे वेदों की आंखें भी कहा जाता है, क्योंकि यह भूतकाल, वर्तमान और भविष्य का अवलोकन करने में सहायक होता है। इसके तीन मुख्य भाग हैं: सिद्धांत, संहिता और होरा (फलित)। कुंडली के माध्यम से नौ ग्रहों, बारह राशियों, सत्ताईस नक्षत्रों और बारह भावों के अंतर्संबंधों का अध्ययन करके जीवन में संभावित अवसरों और कठिनाइयों को समझा जा सकता है। ज्योतिष शास्त्र केवल भाग्य बताने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य सही निर्णय लेने में मार्गदर्शन करना, संकटों की भविष्यवाणी करना और मंत्रों, दान, रत्नों और व्रतों जैसे उपायों के माध्यम से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।

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Vedic Ritual

सिद्धांत ज्योतिष (गणितीय ज्योतिष)

इसमें ग्रहों, नक्षत्रों और तारों की गति, स्थिति तथा कालगणना की गणना की जाती है।

फल ज्योतिष

इसमें जन्म के समय ग्रहों की स्थिति के आधार पर व्यक्ति के जीवन की घटनाओं, स्वभाव, भाग्य और भविष्य के बारे में भविष्यवाणियाँ की जाती हैं।

संहिता ज्योतिष

इसमें देश, समाज, राजनीति, प्राकृतिक आपदाओं तथा वर्षा जैसी महत्वपूर्ण घटनाओं के संबंध में भविष्यवाणी की जाती है।


मुख्य घटक

ज्योतिष शास्त्र में व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करने वाले कुछ प्रमुख घटक निम्नलिखित हैं:

ग्रह (Planets)
सूर्य चंद्रमा मंगल बुध बृहस्पति शुक्र शनि राहु केतु
संकेत
मेष वृषभ मिथुन कर्क सिंह कन्या तुला वृश्चिक धनू मकर कुंभ मीन
नक्षत्र (Constellations)
वे 27 नक्षत्र जिनमें चंद्रमा भ्रमण करता है।
दशा और अंतर्दशा
विभिन्न कालखंडों में ग्रहों की गति और उनका जीवन पर पड़ने वाला प्रभाव।
सप्तपदी विधी

महत्व और सीमाएँ

ज्योतिष एक पारंपरिक विज्ञान है जिसमें बहुत से लोग विश्वास करते हैं। हालांकि, यह पूर्णतः विज्ञान पर आधारित नहीं है, इसलिए अंधविश्वास में डूबे बिना , उचित सावधानी के साथ और किसी ज्योतिषी की सहायता से इसका अध्ययन करना महत्वपूर्ण है ।