ज्योतिष शास्त्र

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यथा शिखा मयूराणां नागानां मणयो यथा । तद्वद् वेदाङ्गशास्त्राणां ज्योतिषं मूर्धनि स्थितम् ॥

अर्थ: ज्योतिष शास्त्र हे सर्व शास्त्रांमध्ये शिरोमणी आहे. हे शास्त्र मानवाला काळाची ओळख करून देऊन जीवनातील अडथळे दूर करण्यास मदत करते.

ज्योतिष क्या है?

ज्योतिष शास्त्र एक प्राचीन भारतीय विज्ञान है जिसमें ग्रहों, नक्षत्रों और राशि चिन्हों का अध्ययन करके किसी व्यक्ति के भविष्य, स्वभाव, स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति, विवाह, संतान, नौकरी, व्यवसाय आदि की भविष्यवाणी की जाती है।

यह वेदों के छह उप-वेदों में से एक है (अर्थात वेदांग)। इसे नेत्र भी कहा जाता है क्योंकि यह भविष्य को देखता है।

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वैदिक शास्त्रों के मुख्य सिद्धांत

सैद्धांतिक ज्योतिष:

ग्रहों की गति, राशि चक्रों की गणना, नक्षत्रों का अध्ययन और पंचांग तैयार करना - यह सब गणित का हिस्सा है।

सांसारिक ज्योतिष:

वे पूर्वानुमान जो देश, क्षेत्र या विश्व को प्रभावित करते हैं — उदाहरण के लिए, युद्ध, भूकंप, मानसून, सूखा आदि।

भविष्यवाणिय ज्योतिष:

किसी व्यक्ति की कुंडली, होरा, प्रश्न शास्त्र, मुहूर्त, विवाह, राशिफल आदि के आधार पर उसके भविष्य की भविष्यवाणी करना।

ज्योतिष शास्त्राचे मुख्य घटक

राशी

राशि

12 राशियाँ (मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ, मीन) व्यक्ति के स्वभाव और जीवन पर प्रभाव डालती हैं।

ग्रह

ग्रह

9 ग्रह (सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु) जीवन के अलग-अलग हिस्सों पर असर डालते हैं।

नक्षत्र

नक्षत्र

27 या 28 नक्षत्रों का व्यक्ति के स्वभाव, सोच और भविष्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है।

भाव

घर (Houses)

चार्ट में 12 घर जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों को दिखाते हैं जैसे धन, विवाह, करियर, स्वास्थ्य, वगैरह।

दशा

दशा / अंतर्दशा

समय के साथ होने वाली ग्रहों की स्थिति व्यक्ति के जीवन में घटनाओं और स्थितियों को तय करती है।

योग

योग

ग्रहों के खास मेल से बनने वाले योग जीवन में खास शुभ या अशुभ असर डालते हैं।


कुंडली क्या है?


जन्म के समय आकाश में ग्रहों की स्थिति को एक विशेष आरेख में व्यवस्थित किया जाता है, जिसे कुंडली कहते हैं। इससे व्यक्ति का स्वभाव, जीवन की दिशा, विवाह, आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य, संतान सुख आदि का अध्ययन किया जाता है।

ज्योतिष का महत्व

कुंडली मिलान (विवाह जुळवणी) स्वास्थ्य एवं आर्थिक संकटों के समाधान शुभ मुहूर्त निर्धारण (विवाह, वास्तु, यात्रा, व्यवसाय प्रारंभ) शांति उपाय (ग्रह शांति, नवग्रह पूजन, रत्न धारण)

प्रमुख ग्रंथ

बृहज्जातक (वराहमिहिर) फलदीपिका पाराशर होरा शास्त्र
सारावली भृगु संहिता
यज्ञाची प्रमुख अंगे

ज्योतिष पर आलोचना और वैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य

कई वैज्ञानिक ज्योतिष को अंधविश्वास मानते हैं क्योंकि इसका वैज्ञानिक आधार बहुत कम है। हालांकि, भारतीय समाज में इसका अपार सांस्कृतिक महत्व है, विशेषकर विवाह, शुभ मुहूर्त और नक्षत्रों के संदर्भ में।